टोटल आर्टेरियल कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG)
टोटल आर्टेरियल कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG) एक उन्नत शल्य तकनीक है जिसमें नसों (वेन्स) की बजाय केवल धमनियों (arterial grafts) का उपयोग किया जाता है, , ताकि अवरुद्ध कोरोनरी धमनियों को बाईपास किया जा सके। इससे दीर्घकालिक (long-term) सफलता दर और ग्राफ्ट दोबारा बंद ना होने की संभावना बेहतर होती है।
धमनियों (आर्टरी) को नसों (वेन) पर क्यों प्राथमिकता दी जाती है?
पारंपरिक CABG में सर्जन आमतौर पर धमनियों और नसों दोनों का उपयोग करते हैं (सबसे सामान्यतः सेफेनस वेन और इंटरनल मैमरी आर्टरी)।
जब केवल धमनियों का उपयोग करके अवरुद्ध धमनियों को बाईपास किया जाता है, तो नए बने रक्त प्रवाह के मार्ग (“कंड्युट्स” या ग्राफ्ट ) लंबे समय तक सुचारू रूप से चलते रहते हैं — अर्थात् इन मार्गों में पुनः अवरोध नहीं बनता और हृदय को रक्त की आपूर्ति निरंतर निर्बाध बनी रहती है। इससे मरीज लंबे समय तक लक्षण-मुक्त रहते हैं और दोबारा बाईपास सर्जरी की आवश्यकता की संभावना बहुत कम हो जाती है।
टोटल आर्टेरियल CABG में उपयोग की जाने वाली प्रमुख धमनियाँ:
लेफ्ट इंटरनल मैमरी आर्टरी (LIMA): यह छाती के भीतर स्थित होती है और बाईपास के लिए सबसे विश्वसनीय ग्राफ्ट मानी जाती है, विशेष रूप से लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग (LAD) आर्टरी के लिए।
राइट इंटरनल मैमरी आर्टरी (RIMA): इसे अक्सर LIMA के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता है ताकि कई ग्राफ्ट तैयार किए जा सकें और दीर्घकालिक परिणाम बेहतर मिलें।
रैडियल आर्टरी: यह बांह से ली जाती है और इसके अच्छे आकार व रक्त प्रवाह गुणों के कारण एक उत्कृष्ट अतिरिक्त ग्राफ्ट साबित होती है।
गैस्ट्रोएपिप्लोइक आर्टरी: इसे विशेष परिस्थितियों में उपयोग किया जाता है जब हृदय में व्यापक रीवैस्क्युलराइजेशन (revascularization) की आवश्यकता होती है।
टोटल आर्टेरियल CABG कैसे की जाती है?
इस प्रक्रिया के दौरान सर्जन छाती और बांह से धमनियों को निकालते हैं — आम तौर पर पारंपरिक या स्केलेटनाइज्ड तकनीक का उपयोग करते हुए ताकि ग्राफ्ट की लंबाई और रक्त प्रवाह बेहतर रहे और घाव संबंधी जटिलताएँ कम हों। इन धमनियों को कई संयोजनों में जोड़ा जाता है ताकि हृदय की सभी अवरुद्ध धमनियों को नए आर्टिरियल ग्राफ्ट्स के माध्यम से रक्त की आपूर्ति पुनः प्राप्त हो सके।
टोटल आर्टेरियल CABG के लाभ:
लंबे समय तक ग्राफ्ट की स्थायित्व: धमनियों के ग्राफ्ट प्रायः 15–20 वर्षों तक टिके रहते हैं। अध्ययनों अरिटेरी से बने ग्राफ्ट के सुचारू रूप से चलने की दर 10 वर्षों में 90% और 15 वर्षों में 80% से अधिक पाई गई है।
बेहतर हृदय कार्यक्षमता: सुधरे हुए रक्त प्रवाह से हृदय की ऑक्सीजन आपूर्ति और कार्यक्षमता बेहतर होती है।
दोबारा सर्जरी की कम से कम संभावना: मरीजों को भविष्य में ब्लॉकेज या दूसरी सर्जरी की आवश्यकता कम होती है।
जीवनकाल और गुणवत्ता में सुधार: शोध बताते हैं कि टोटल आर्टेरियल रीवैस्क्युलराइजेशन से मरीजों की दीर्घकालिक जीवित रहने की संभावना और जीवन की गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि: धमनियाँ नई रुकावटों के प्रति नसों की तुलना में अधिक प्रतिरोधी होती हैं। अतः टोटल आर्टीरियल बायपास के रोगियों को दोबारा ब्लॉकेज होने की संभावना कम होती है।
यह सर्जरी युवा मरीजों, डायबिटीज़ (मधुमेह) के रोगियों और उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है जिन्हें कई ग्राफ्ट की आवश्यकता होती है या जिन्हें पूर्ण रीवैस्क्युलराइजेशन की आवश्यकता है। यह उन मामलों में भी पसंदीदा है जहाँ लंबे समय तक ग्राफ्ट के खुले रहने की अपेक्षा की जाती है।
हालाँकि, इसका चयन मरीज के संपूर्ण स्वास्थ्य, धमनियों की गुणवत्ता और सर्जन के अनुभव पर निर्भर करता है। बाइलेट्रल इंटरनल मैमरी आर्टरी (BIMA) का उपयोग अधिकतम जीवनकाल लाभ देता है, परंतु डायबिटिक या मोटे मरीजों में स्टर्नल (छाती की हड्डी) संक्रमण का जोखिम थोड़ा बढ़ सकता है।
टोटल आर्टेरियल CABG के बाद रिकवरी
रिकवरी पारंपरिक CABG जैसी ही होती है, लेकिन धमनियों के ग्राफ्ट के उपयोग से दीर्घकालिक जटिलताएँ कम होती हैं और हृदय की कार्यक्षमता बेहतर रहती है।
जोखिम और विचार
हालाँकि टोटल आर्टेरियल CABG उत्कृष्ट परिणाम देती है, लेकिन इसके लिए विशेष विशेषज्ञता, अत्यंत सटीक तकनीक और धमनियों के सावधानीपूर्वक संचालन की आवश्यकता होती है ताकि ऐंठन (spasm) से बचा जा सके और दीर्घकालिक परिणाम सुरक्षित रहें।
यदि आपको बाईपास सर्जरी की सलाह दी गई है, तो कृपया अपने सर्जन से टोटल आर्टेरियल बाईपास की उपयुक्तता और इससे जुड़े व्यक्तिगत जोखिमों के बारे में अवश्य चर्चा करें।
टोटल आर्टेरियल बनाम पारंपरिक CABG
पारंपरिक CABG में धमनियों और नसों दोनों का उपयोग किया जाता है, जबकि टोटल आर्टेरियल CABG केवल धमनियों पर निर्भर करती है। आजकल न्यूनतम भेदन (minimally invasive) और रोबोटिक तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे
छोटे चीरे और तेज़ रिकवरी संभव हो पाती है। नियमित कार्डियक फॉलो-अप (CT एंजियोग्राफी या स्ट्रेस टेस्टिंग) के माध्यम से दीर्घकालिक ग्राफ्ट की स्थिति और हृदय स्वास्थ्य की निगरानी की जा सकती है।
MBBS, MS, MCh, FRCS-CTh,
FRCS-CTh(Ed), MEBCTS, FEBCTS, FACS(USA), DNB, MNAMS, MBA
Associate Director-Cardio-thoracic and Vascular Surgery, Yashoda Medicity, Ghaziabad(UP)
प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न
टोटल आर्टेरियल CABG क्या है?
टोटल आर्टेरियल CABG वह सर्जरी है जिसमें सभी बाईपास ग्राफ्ट केवल धमनियों (LIMA, RIMA, रेडियल आर्टरी) से बनाए जाते हैं, नसों से नहीं।
धमनी-ग्राफ्ट अधिक मज़बूत और लंबे समय तक टिकाऊ होते हैं।
यह पारंपरिक CABG से कैसे अलग है?
पारंपरिक CABG में:
1–2 धमनी-ग्राफ्ट
बाकी ग्राफ्ट टांग की नस से
टोटल आर्टेरियल CABG में 100% धमनी-ग्राफ्ट लगाए जाते हैं, इसलिए परिणाम बेहतर होते हैं।
धमनी-ग्राफ्ट नसों से बेहतर क्यों होते हैं?
क्योंकि धमनियों में:
दीवारें अधिक मज़बूत होती हैं
ब्लॉकेज की संभावना कम होती है
रक्त-प्रवाह के अनुसार अनुकूलन क्षमता होती है
10–15 वर्ष बाद भी 90–95% खुला रहने की क्षमता होती है
नस-ग्राफ्ट जल्दी संकरे हो सकते हैं।
किसे टोटल आर्टेरियल CABG कराना चाहिए?
विशेष रूप से लाभकारी है:
70 वर्ष से कम उम्र वालों को
मधुमेह वाले मरीजों को
मल्टीवेसल बीमारी वाले मरीजों को
लंबे जीवन-काल की अपेक्षा रखने वालों को
जिनका पहले का वेन-ग्राफ्ट फेल हो चुका हो
क्या यह सर्जरी सुरक्षित है?
हाँ। अनुभवी सर्जनों द्वारा की जाने पर यह पारंपरिक CABG जितनी ही सुरक्षित और दीर्घकालिक रूप से अधिक प्रभावी होती है।
क्या रिकवरी अलग होती है?
रिकवरी लगभग समान रहती है—
4–5 दिन अस्पताल
6–8 सप्ताह पूर्ण स्वस्थ होना
लेकिन लंबे समय में लाभ अधिक होते हैं।
धमनी-ग्राफ्ट कितने समय तक चलते हैं?
अधिकांश धमनी-ग्राफ्ट 15–25 वर्ष या उससे अधिक चलते हैं।
LIMA ग्राफ्ट तो कई मरीजों में जीवनभर खुले रहते हैं।
क्या यह सर्जरी समय अधिक लेती है?
हाँ, थोड़ी अधिक।
क्योंकि धमनियों की तैयारी और सटीकता अधिक कौशल मांगती है।
लेकिन इसका लाभ दीर्घकालिक परिणामों में मिलता है।
क्या सर्जरी के बाद जीवनशैली में बदलाव ज़रूरी है?
बिल्कुल।
धमनी-ग्राफ्ट के लिए भी जरूरी है:
धूम्रपान पूरी तरह बंद
BP और शुगर का नियंत्रण
सेहतमंद आहार
नियमित व्यायाम
दवाओं का पालन
क्या हर मरीज में टोटल आर्टेरियल CABG संभव है?
हमेशा नहीं।
कुछ मरीजों में रेडियल आर्टरी या सबक्लेवियन आर्टरी की समस्या होने पर यह तकनीक उपयुक्त नहीं होती।
निर्णय आपका सर्जन करता है।
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