रोबोटिक-असिस्टेड कोरोनरी आर्टरी बाइपास ग्राफ्टिंग (Robotic-Assisted CABG)
रोबोटिक-असिस्टेड कोरोनरी आर्टरी बाइपास ग्राफ्टिंग (CABG) एक अत्याधुनिक, मिनिमल एक्सेस हृदय-शल्यक्रिया तकनीक है, जिसमें रोबोटिक प्रणाली की सहायता से कोरोनरी धमनियों में बाइपास ग्राफ्ट लगाया जाता है।
पारंपरिक हृदय-शल्यक्रिया में जहाँ छाती की हड्डी (स्टर्नम) को काटा जाता है, वहीं रोबोटिक CABG में पसलियों के बीच केवल छोटे-छोटे छिद्र (की-होल) बनाकर शल्यक्रिया की जाती है।
इससे ऑपरेशन का आघात कम होता है, दर्द और संक्रमण का जोखिम घटता है, स्वास्थ्य लाभ (रिकवरी) बहुत तेज होती है, और दीर्घकालिक परिणाम पारंपरिक CABG के समान ही उत्कृष्ट रहते हैं।
रोबोटिक CABG कैसे कार्य करता है?
इस शल्यक्रिया में दा-विंसी सर्जिकल सिस्टम जैसी उन्नत रोबोटिक प्रणाली का उपयोग किया जाता है।
यह प्रणाली सर्जन को हृदय का 3-D उच्च-गुणवत्ता वाला दृश्य, अत्यंत सटीक उपकरण और अधिक नियंत्रण प्रदान करती है।
प्रक्रिया के प्रमुख चरण:
1. छोटे-छोटे छिद्र (Keyhole Incisions)
पसलियों के बीच 5–12 मिमी के छोटे छिद्र बनाए जाते हैं।
छाती की हड्डी (स्टर्नम) को नहीं काटा जाता।
2. रोबोटिक उपकरणों का संचालन
सर्जन एक विशेष कंसोल पर बैठकर रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित करता है।
ये भुजाएँ अत्यंत सूक्ष्म स्थिर और सटीक गतियाँ करती हैं।
3. इंटरनल मैमरी आर्टरी (IMA) का हार्वेस्ट करना
रोबोटिक उपकरणों से इंटरनल मैमरी आर्टरी (IMA) को अत्यंत सावधानी से निकाला जाता है — यही सबसे टिकाऊ ग्राफ्ट माना जाता है।
4. बाइपास ग्राफ्ट लगाना
इंटरनल मैमरी आर्टरी (IMA) को अवरुद्ध कोरोनरी धमनी से जोड़कर हृदय की मांसपेशी में रक्त प्रवाह पुनः स्थापित किया जाता है।
5. प्रक्रिया का सम्पूर्ण होना
इंस्ट्रूमेंट बाहर निकालकर छोटे छिद्रों को सूक्ष्म टांकों से बंद किया जाता है।
बीटिंग हार्ट रोबोटिक CABG
कुछ रोगियों में शल्यक्रिया धड़कते हृदय (बीटिंग हार्ट) पर बिना हार्ट-लंग मशीन के की जा सकती है, जिससे रिकवरी और भी तेज हो जाती है।
रोबोटिक-असिस्टेड CABG कब किया जाता है?
उपयुक्त रोगी:
एक या दो धमनियों (आर्टरी) में अवरोध (विशेषकर LAD)
हृदय की सामान्य पम्पिंग कार्य-क्षमता (संतोषजनक LVEF)
छाती या महाधमनी (एयोर्टा) में व्यापक रोग न होना
शल्यक्रिया का मिनिमल इनवेसिव विकल्प चाहने वाले मरीज
अनुशंसित स्थितियाँ:
लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी (LAD) में अवरोध जहाँ LIMA–LAD बाइपास अत्यंत उपयुक्त है
हाइब्रिड प्रक्रियाओं (हाइब्रिड प्रोसिजर्स जैसे बाइपास + स्टेंट) के लिए उपयुक्त रोगी
युवा रोगी, जिन्हें शीघ्र कार्य-स्थल पर लौटना हो
किन स्थितियों में रोबोटिक CABG उपयुक्त नहीं?
कई धमनियों में व्यापक अवरोध (सिव्यर मल्टी-वेसल डिजीस)
गंभीर फेफड़े का रोग
छाती पर पूर्व बड़ी सर्जरी
अत्यधिक मोटापा
धमनियों में अत्यधिक कैल्सियम
अंतिम निर्णय CT स्कैन, एंजियोग्राफी और अन्य जाँचों पर आधारित होता है।
रोबोटिक CABG के प्रकार
1. टोटली एंडोस्कोपिक CABG (TECAB)
पूरी प्रक्रिया छिद्रों से की जाती है — कोई बड़ा चीरा नहीं लगाया जाता।
2. MIDCAB with Robotic Assistance
रोबोटिक तकनीक से लेफ्ट इंटरनल मैमरी आर्टरी की हार्वेस्टिंग की जाती है और छाती में बायीं ओर एक छोटे चीरे विशिष्ट उपकरण का प्रयोग करते हुए से हाथ द्वारा ग्राफ्ट की सिलाई की जाती है।
3. हाइब्रिड कोरोनरी रिवास्कुलराइजेशन
- MIDCAB रोबोटिक तकनीक से लेफ्ट इंटरनल मैमरी आर्टरी और लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी LIMA–LAD की ग्राफ्टिंग की जाती है और
- अन्य धमनियों में स्टेंट लगाए जाते हैं।
यह आज की सबसे उन्नत और सुरक्षित रणनीति मानी जाती है।
रोबोटिक CABG के लाभ
✔ छाती की हड्डी (स्टर्नम) नहीं काटा जाता — दर्द बहुत कम
✔ सौंदर्य की दृष्टि से बेहतर — छोटे, लगभग अदृश्य निशान
✔ संक्रमण का जोखिम कम
✔ सामान्य क्रियाकलापों में तेजी से वापसी होती है
✔ 2–3 सप्ताह में पूर्ण रिकवरी हो जाती है (ओपन सर्जरी में 6–8 सप्ताह)
✔ कम रक्तस्राव होता है
✔ कम समय में अस्पताल से अवकाश मिलता है
✔ दीर्घकालिक परिणाम पारंपरिक CABG के समकक्ष होते हैं
रोबोटिक CABG के बाद रिकवरी
1–2 दिन ICU में
3–5 दिन अस्पताल में
24 घंटे के भीतर चलना प्रारम्भ कर सकते हैं
दर्द बहुत कम होता है – सामान्य गतिविधियाँ शीघ्र प्रारम्भ होती हैं
ऑपरेशन के बाद (पोस्ट-ऑपरेटिव) देखभाल:
हल्की पैदल चाल
कार्डियक रिहैबिलिटेशन
रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल व रक्त-पतला करने की दवाएँ
घाव की देखभाल
डॉक्टर द्वारा नियमित फॉलो-अप
वापसी का समय:
कार्यालय कार्य: 2–3 सप्ताह
गाड़ी चलाना: 2–3 सप्ताह
व्यायाम: 4–6 सप्ताह
भारी वजन उठाना: 6–8 सप्ताह
रोबोटिक CABG के दीर्घकालिक परिणाम
LIMA–LAD ग्राफ्ट की उत्कृष्ट टिकाऊ क्षमता
सीने के दर्द (एंजाइना) में पूर्ण राहत
शारीरिक क्षमता में सुधार
संक्रमण का अत्यंत कम जोखिम
दीर्घकालिक जीवितता पारंपरिक CABG के समान
रोबोटिक CABG के संभावित जोखिम और जटिलताएँ
हल्का रक्तस्राव
हल्का संक्रमण (दुर्लभ)
अनियमित धड़कनें (एरिथमिया)
ग्राफ्ट में संकुचन (कभी-कभार)
फेफड़ों में असहजता
अत्यंत दुर्लभ — ओपन सर्जरी में परिवर्तन की आवश्यकता
अनुभवी रोबोटिक सर्जरी टीम के साथ ये जोखिम अत्यन्त कम होते हैं।
रोबोटिक CABG बनाम पारंपरिक CABG
विशेषता | रोबोटिक CABG | पारंपरिक CABG |
चीरा | छोटे छिद्र | उरुबोन का बड़ा चीरा |
दर्द | बहुत कम | अधिक |
अस्पताल-निवास | 3–5 दिन | 6–8 दिन |
रिकवरी | 2–3 सप्ताह | 6–8 सप्ताह |
संक्रमण जोखिम | कम | अधिक |
रक्तस्राव | कम | अधिक |
सौंदर्य परिणाम | उत्कृष्ट | स्पष्ट बड़ा निशान |
दीर्घकालिक परिणाम | समान | समान |
MBBS, MS, MCh, FRCS-CTh,
FRCS-CTh(Ed), MEBCTS, FEBCTS, FACS(USA), DNB, MNAMS, MBA
Associate Director-Cardio-thoracic and Vascular Surgery, Yashoda Medicity, Ghaziabad(UP)
प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या रोबोट स्वयं सर्जरी करता है?
नहीं। सर्जन पूर्णतः नियंत्रण में होता है।
रोबोट केवल उसकी गतियों को अधिक सूक्ष्म और स्थिर रूप से दोहराता है।
क्या यह सर्जरी हृदय को रोके बिना हो सकती है?
हाँ। कई मामलों में बीटिंग हार्ट तकनीक से हृदय चालू रखते हुए सर्जरी की जाती है।
क्या रोबोटिक CABG सुरक्षित है?
हाँ, विशेष रूप से उन रोगियों के लिए जो कम आघात वाली सर्जरी चाहते हैं और जिनकी जाँचें उपयुक्त हों।
क्या इसमें बड़ा निशान नहीं बनता?
नहीं। केवल छोटे-छोटे छिद्र बनते हैं, जो समय के साथ लगभग न के बराबर दिखते हैं।
क्या कई अवरोधों का उपचार रोबोटिक CABG से हो सकता है?
हाँ, हाइब्रिड विधि (बाइपास + स्टेंट) के माध्यम से पूरा उपचार किया जा सकता है।
क्या यह सर्जरी अधिक महंगी होती है?
शुरुआत में लागत अधिक हो सकती है, लेकिन कम अस्पताल-निवास और तेज रिकवरी से कुल खर्च अक्सर कम हो जाता है।
कार्य पर वापसी कब संभव है?
अधिकांश रोगी 2–3 सप्ताह में कार्य पर लौट सकते हैं।
यदि मशीन में समस्या आ जाए तो क्या होगा?
सुरक्षा मानक बहुत कड़े होते हैं।
जरूरत पड़ने पर सर्जन तुरंत पारंपरिक CABG में परिवर्तित कर सकता है — जो कि बहुत दुर्लभ स्थिति है।
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