ट्रांस-एक्सिलरी मिनिमल इनवेसिव हार्ट सर्जरी

ट्रांस-एक्सिलरी मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी क्या है?

ट्रांस-एक्सिलरी मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी एक उन्नत तकनीक है जिसमें ओपन-हार्ट सर्जरी कांख (एक्सिला) के पास एक छोटे चीरे के माध्यम से की जाती है, और सीने की हड्डी (स्टर्नम) को नहीं काटा जाता। इस तकनीक से शरीर को कम क्षति पहुँचती है, रिकवरी तेज होती है और दिखने में उत्कृष्ट परिणाम मिलते हैं — और सुरक्षा तथा प्रभावशीलता पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी के समान रहती है।

अन्य मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (MICS) से यह कैसे अलग है?

मिनिमली इनवेसिव ओपन-हार्ट सर्जरी (MICS) पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी से दो मुख्य तरीकों से भिन्न होती है: पहला, हृदय तक पहुँचने के लिए त्वचा पर चीरा कैसे दिया जाता है; और दूसरा, हार्ट-लंग मशीन से शरीर का रक्तसंचार कैसे जोड़ा जाता है।

अधिकांश MICS प्रक्रियाएँ सीने के सामने की ओर पसलियों के बीच (राइट एंटीरियर थोराकोटॉमी) या निप्पल के नीचे (राइट एंटेरोलेटरल थोराकोटॉमी) एक छोटे चीरे के द्वारा की जाती हैं।

यह तरीका उन युवा लड़कियों में समस्या पैदा कर सकता है जिनका स्तन के ऊतक अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है।स्तन के आस-पास में दिया गया चीरा बाद में स्तनों के विकास के समय उनके आकार को विकृत या असमान कर सकता है।

इसके विपरीत, ट्रांस-एक्सिलरी सर्जरी कांख (एक्सिला) में एक छोटे और छिपे हुए चीरे से की जाती है, जिससे सीने पर कोई दिखाई देने वाला निशान नहीं रहता और छाती की हड्डी पूर्णतः सुरक्षित रहती है। इस तकनीक का एक अनोखा लाभ यह है कि चीरा स्तन के ऊतकों से दूर रहता है। इसलिए यह युवा लड़कियों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है क्योंकि यह स्तन की विकृति का जोखिम पूरी तरह समाप्त करता है।

एक अन्य महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इस तकनीक में हार्ट-लंग मशीन को सीने के भीतर हृदय के पास स्थित बड़ी रक्त नलिकाओं से सीधे जोड़ा जा सकता है। इससे जाँघ (ग्रोइन) या गर्दन की छोटी रक्त नलिकाओं की आवश्यकता नहीं होती।यह विशेष रूप से छोटे बच्चों और उन वयस्कों में उपयोगी है जिनकी ग्रोइन की रक्त नलिकाएँ बहुत पतली होती हैं, जहाँ सामान्य ट्यूबें लगाना संभव नहीं होता।

किन प्रक्रियाओं को ट्रांस-एक्सिलरी तकनीक से किया जा सकता है?

  • एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (ASD) बंद करना

  • एऑर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट (AVR)

  • माइट्रल वाल्व रिपेयर या रिप्लेसमेंट

  • ट्राइकसपिड वाल्व सर्जरी (चयनित मामलों में)

  • वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (VSD) बंद करना

  • टेट्रालॉजी ऑफ फैलट (TOF) की सर्जरी

  • अन्य कई जन्मजात हृदय रोगों के लिए सर्जरी

ट्रांस एक्सीलरी सर्जरी कैसे की जाती है?

  • रोगी को जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है।

  • कांख में 5–7 सेमी का छोटा चीरा दिया जाता है और पसलियों को बिना काटे धीरे से फैलाया जाता है।

  • हार्ट-लंग मशीन को मुख्यतः सीने की बड़ी रक्त नलिकाओं से जोड़ा जाता है; कभी-कभी ग्रोइन का उपयोग किया जाता है।

  • लंबे उपकरणों और कैमरे की सहायता से, वाल्व की मरम्मत या प्रतिस्थापन या अन्य ओपन-हार्ट प्रक्रियाएँ की जाती हैं।

  • प्रक्रिया पूरी होने पर हृदय को पुनः चालू किया जाता है और चीरे को महीन टांकों से बंद किया जाता है, जिससे निशान लगभग छिप जाता है।

ट्रांस-एक्सिलरी मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी के लाभ क्या हैं?

  • छाती की हड्डी का न काटना — कम ज़ख्म, तेज़ रिकवरी

  • छोटा और छिपा हुआ चीरा — कांख का निशान लगभग अदृश्य होता है

  • स्तन के ऊतक की पूर्ण सुरक्षा — स्तनों के विकृत होने का कोई ख़तरा नहीं

  • कम दर्द और कम उत्तकों की क्षति — क्योंकि हड्डियाँ और मुख्य मांसपेशियाँ नहीं काटी जातीं

  • संक्रमण और रक्तस्राव का कम जोखिम

  • अस्पताल से शीघ्र अवकाश — आमतौर पर 3–5 दिन में छुट्टी मिल जाती है

  • तेज़ रिकवरी — 2–3 हफ्ते में हल्की गतिविधियाँ, 4–6 हफ्ते में सामान्य जीवन प्रारंभ कर सकते हैं

  • छोटे बच्चों और पतली रक्त नलिकाओं वाले वयस्कों में भी सुरक्षित रूप से की जा सकती है

  • सर्वोत्तम सौंदर्य परिणाम — सीने पर कोई निशान नहीं।

की संभावित जोखिम और जटिलताएँ

  • रक्तस्राव (कभी-कभी पुनः सर्जरी की आवश्यकता)

  • घाव या फेफड़े का संक्रमण

  • अनियमित धड़कन (एट्रियल फिब्रिलेशन)

  • अस्थायी सांस लेने में कठिनाई या फेफड़े का सिकुड़ना

  • स्ट्रोक या किडनी की समस्या (दुर्लभ)

  • सुरक्षा कारणों से पूर्ण स्टर्नोटॉमी की आवश्यकता

  • कैन्युलेशन के कारण ग्रोइन में सूजन या खून जमना

कौन ट्रांस-एक्सिलरी मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी के लिए आदर्श उम्मीदवार हैं?

  • एक वाल्व के रोग वाले रोगी

  • सामान्य हृदय कार्य क्षमता (इजेक्शन फ्रैक्शन) वाले व्यक्ति

  • जिनकी फेफड़ों की कार्यक्षमता अच्छी हो

  • जिनकी पहले कोई छाती सर्जरी न हुई हो

  • तेज़ रिकवरी और छोटा निशान की इच्छा रखने वाले रोगी

कौन ट्रांस-एक्सिलरी मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते?

  • कई वाल्वों या जटिल बाइपास सर्जरी की आवश्यकता वाले मरीज

  • गंभीर फेफड़ा रोग से ग्रसित रोगी

  • अत्यधिक मोटापा

  • छाती की विकृति से ग्रसित रोगी

  • पहले दायीं ओर की सर्जरी हो चुके रोगी

  • एऑर्टा में गंभीर कैल्सीफिकेशन

  • वैसे सभी रोगी जहाँ पार्पंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी अधिक सुरक्षित हो

ट्रांस-एक्सिलरी मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी के लिए उपयुक्तता कैसे निर्धारित की जाती है?

  • इकोकार्डियोग्राफी, CT स्कैन, कोरोनरी एंजियोग्राफी

  • हार्ट टीम द्वारा बहु-विषयक मूल्यांकन

  • समग्र स्वास्थ्य/जोखिम का विश्लेषण

  • रोगी की अपेक्षाओं और सौंदर्य लक्ष्य पर चर्चा

ट्रांस-एक्सिलरी मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी के पश्चात रिकवरी और फॉलो-अप

  • 1–2 दिन ICU में, 3–5 दिन अस्पताल में समय लगता है.

  • दर्द अत्यंत हल्का और नियंत्रित रहता है

  • 1 सप्ताह में हल्की गतिविधियाँ प्रारंभ कर सकते हैं एवं, 4–6 सप्ताह में पूर्ण रिकवरी हो जाती है

  • नियमित फॉलो-अप, इको टेस्ट, रक्त जाँच, कार्डियक रिहैब की आवश्यता सभी रोगियों की तरह ही होती है.

ट्रांस-एक्सिलरी मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी के बाद जीवन

  • कुछ हफ्तों में सामान्य गतिविधियाँ प्रारंभ हो जाती है

  • स्वस्थ जीवनशैली और दवाओं का पालन करना सम्पूर्ण स्वास्थ्य लाभ के लिए अत्यंत आवश्यक है.

  • धातु के वाल्व वाले मरीजों को आजीवन रक्त पतला करने की दवा की आवश्यकता होती है

प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रांस-एक्सिलरी हृदय सर्जरी क्या है?

यह एक उन्नत ओपन-हार्ट तकनीक है जिसमें कांख (बगल) के पास छोटा चीरा देकर सर्जरी की जाती है और उरोस्थि (छाती की हड्डी) को नहीं काटा जाता।

  • एऑर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट
  • कुछ माइट्रल वाल्व प्रक्रियाएँ
  • ASD बंद करना
  • कुछ एऑर्टिक सर्जरी में चयनित मरीज
  • उरोस्थि को न काटना

  • छोटा एवं लगभग अदृश्य चीरा

  • कम दर्द

  • संक्रमण का कम जोखिम

  • शीघ्र रिकवरी

  • उत्कृष्ट सौन्दर्यात्मक परिणाम

हाँ। अनुभवी केंद्रों में यह उतनी ही सुरक्षित और प्रभावी है।

  • अस्पताल में रहना: 4–6 दिन
  • सामान्य गतिविधियों में वापसी: 3–4 सप्ताह

बहुत कम। चीरा बगल की प्राकृतिक त्वचा-रेखा में होता है, इसलिए लगभग अदृश्य रहता है।

नहीं। यह हृदय-रोग, एऑर्टा की संरचना, शारीरिक बनावट और पिछली सर्जरी पर निर्भर करता है।

  • रक्तस्राव
  • वाल्व-सम्बन्धी जटिलताएँ
  • बांह/कंधे में अस्थायी दर्द
  • बहुत कम मामलों में खुली सर्जरी में बदलना
    अनुभवी सर्जन के साथ जोखिम न्यूनतम होता है।

हाँ। अदृश्य चीरा और हड्डी को सुरक्षित रखने के कारण यह विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

अधिकतर मरीज 3–4 सप्ताह में सामान्य जीवन, यात्रा और ऑफिस कार्य शुरू कर सकते हैं।

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