एन्‍यूरिज़्म का शल्य-उपचार (सर्जरी)

एन्‍यूरिज़्म के लिए सर्जरी एक जीवन-रक्षक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी रक्त-नली (धमनी) की कमज़ोर और फूली हुई दीवार को फटने से पहले ठीक करना या बदलना होता है।
एन्‍यूरिज़्म किसी भी धमनी में हो सकता है, पर यह सबसे अधिक हृदय से निकलने वाली महा-धमनी एओर्टा में पाया जाता है — वह मुख्य धमनी जो हृदय से पूरे शरीर में रक्त पहुँचाती है।

समय पर सर्जरी से रक्तस्राव, एन्‍यूरिज़्म के  फटने (रप्चर), स्ट्रोक, अंगों को क्षति, और अन्य जानलेवा जटिलताएँ रोकी जा सकती हैं।

एन्‍यूरिज़्म क्या होता है?

एन्‍यूरिज़्म किसी धमनी की दीवार में बनने वाला गुब्बारे जैसा उभार अथवा सूजन  है।
यह तब बनता है जब धमनी की दीवार कमज़ोर हो जाती है। समय के साथ:

  • रक्त-दाब इस उभार को और बड़ा करता जाता है
  • धमनी की दीवार और पतली होती जाती है
  • अंत में यह फट (rupture) सकता है या इसमें आंशिक छिद्र या दरार पड़ सकती है जिसे डिसेक्शन कहते हैं, यह एक गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है

रप्चर होने पर शरीर के भीतर भारी रक्तस्राव होता है, जो तुरंत उपचार न मिलने पर प्राणघातक हो सकता है।

डिसेक्शन में रक्त धमनी की दीवार की परतों के बीच “गलत रास्ते” में बहने लगता है, जिससे जानलेवा जटिलताएँ हो सकती हैं।

एन्‍यूरिज़्म कहाँ-कहाँ हो सकता है?

  • ऐऑर्टिक एन्यूरिज्म:

    – छाती में (थोरेसिक ऐऑर्टिक एन्यूरिज्म– TAA)

    – पेट में (एब्डोमिनल ऐऑर्टिक एन्यूरिज्म – AAA)

  • सेरिब्रल एन्यूरिज्म:

    – मस्तिष्क की रक्त-नलियों में

  • पेरिफेरल एन्यूरिज्म:

    – पैरों, गर्दन या शरीर के अन्य हिस्सों की धमनी में

समय पर पहचान हो जाने पर सर्जरी से रोग का पूरा उपचार और दीर्घकालिक सुरक्षा संभव है।

एन्‍यूरिज़्म सर्जरी के प्रकार

सर्जरी का चुनाव एन्‍यूरिज़्म के आकार, स्थान, आकृति, लक्षणों, और मरीज की सम्पूर्ण स्वास्थ्य-स्थिति पर निर्भर करता है।
मुख्यतः दो प्रकार की सर्जरी होती हैं:

1) ओपन सर्जिकल रिपेयर (सर्जरी/पारंपरिक विधि)

यह पुरानी, विश्वसनीय और समय-परखी तकनीक है।

ओपन सर्जिकल रिपेयर कैसे किया जाता है?

  • सर्जन एक चीरा लगाकर एन्‍यूरिज़्म को सीधे देखते हैं

  • धमनी का कमज़ोर हिस्सा हटाया जाता है

  • उसकी जगह एक सिंथेटिक ग्राफ्ट (मज़बूत कपड़े जैसी ट्यूब) लगाई जाती है

ओपन सर्जिकल रिपेयर कब की जाती है?

  • बड़े आकार के एन्‍यूरिज़्म

  • अनियमित आकार या जटिल एन्‍यूरिज़्म

  • जब स्टेंट लगाना संभव न हो

ओपन सर्जिकल रिपेयर के फायदे

  • यह बहुत टिकाऊ और लंबे समय तक सुरक्षित परिणाम देती है

  • उपयुक्त मरीजों में यह उत्कृष्ट सफलता प्रदान करती है

ओपन सर्जिकल रिपेयर के बाद रिकवरी

  • अस्पताल में रहना: 5–10 दिन

  • पूर्ण स्वस्थ होने में: 6–8 सप्ताह

2) एंडोवास्कुलर एन्यूरिज्म रिपेयर (EVAR / TEVAR)

(आधुनिक न्यूनतम-आक्रामक तकनीक)

एंडोवास्कुलर एन्यूरिज्म रिपेयर (EVAR) कैसे किया जाता है?

  • जांघ (groin) में छोटी सूई जैसे छेद किए जाते हैं

  • स्टेंट-ग्राफ्ट को धमनी के भीतर एन्‍यूरिज़्म तक पहुँचाया जाता है

  • स्टेंट अंदर से धमनी की दीवार को सहारा देता है

  • इससे एन्‍यूरिज़्म फटने से बच जाता है

एंडोवास्कुलर एन्यूरिज्म रिपेयर (EVAR) कब किया जाता है?

  • AAA या TAA

  • वे मरीज जो ओपन सर्जरी के लिए उच्च जोखिम वाले हों

एंडोवास्कुलर एन्यूरिज्म रिपेयर (EVAR) के फायदे

  • छोटे चीरे

  • कम दर्द

  • जल्दी ठीक होना

  • शुरुआती जोखिम कम

एंडोवास्कुलर एन्यूरिज्म रिपेयर (EVAR) के बाद रिकवरी

  • अस्पताल में रहना: 2–3 दिन

  • पूर्ण स्वस्थ होने में: 2–3 सप्ताह

सर्जरी कब की जाती है?

  1. सर्जरी तब की जाती है जब:

    • एन्‍यूरिज़्म बड़ा हो (आमतौर पर 5 सेमी से अधिक)

    • वह तेज़ी से बढ़ रहा हो

    • दर्द, दबाव, या अन्य लक्षण उत्पन्न हो रहे हों

    • CT/Ultrasound में रिसाव, थक्का या फटने के संकेत दिखें

    • एन्‍यूरिज़्म फट जाए (आपातकालीन सर्जरी)

    महत्वपूर्ण तथ्य:

    यह देखा गया है कि जब एन्‍यूरिज़्म किसी विशेष स्थान पर एक निश्चित आकार से बड़ा हो जाता है, तो उसके फटने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
    ऐसे एन्‍यूरिज़्म, चाहे बिना लक्षण (asymptomatic) हों, फिर भी फटने के खतरे से बचने के लिए सर्जरी की जाती है।

    इसी प्रकार, यदि एन्‍यूरिज़्म तेज़ी से बढ़ रहा हो, या मरीज के परिवार में कम उम्र में जटिलताओं का इतिहास हो, तो डॉक्टर रोकथाम के लिए सर्जरीकी सलाह देते हैं—चाहे कोई लक्षण न हों।

सर्जरी का संक्षिप्त विवरण (ओपन और EVAR दोनों)

  1. एनेस्थीसिया / बेहोशी – मरीज को जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है

  2. ओपन चीरा अथवा छोटे ग्रोइन पंक्चर लिए जाते हैं

  3. रिपेयर –

    • ओपन सर्जरी: ग्राफ्ट द्वारा धमनी (आर्टरी) के रोग ग्रसित हिस्से को बदल दिया जाता है

    • EVAR: धमनी (आर्टरी) के रोग ग्रसित हिस्से के अंदर के स्टेंट-ग्राफ्ट लगा कर उसे मजबूती प्रदान की जाती है

  4. चीरे बंद किए जाते हैं

  5. गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में निकट निगरानी की जाती है

सर्जरी के लाभ क्या हैं

  • फटने और जानलेवा आंतरिक रक्तस्राव से सुरक्षा मिलती है

  • रक्त प्रवाह सामान्य होता है

  • आसपास के अंगों पर दबाव कम होता है

  • दीर्घकालिक जीवित रहने की संभावना बढ़ती  है

  • स्ट्रोक, किडनी  फेलियर, हृदय फेलियर जैसे जोखिम कम होते हैं

  • जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है

सर्जरी के बाद रिकवरी कैसे होती है

✔ Open Repair:

  • अस्पताल: ~1 सप्ताह
  • पूर्ण रिकवरी: 6–8 सप्ताह

✔ EVAR/TEVAR:

  • अस्पताल: 2–3 दिन
  • पूर्ण रिकवरी: 2–3 सप्ताह

नियमित फॉलो-अप आवश्यक है:

एम आर आई/ सि.टी. स्कैन /अल्ट्रासाउंड यह सुनिश्चित करते हैं कि:

  • ग्राफ्ट/स्टेंट अपनी सही स्थिति में हैं

  • एन्‍यूरिज़्म दोबारा न बढ़े

संभावित जोखिम एवं जटिलताएँ

  • रक्तस्राव

  • संक्रमण

  • किडनी की समस्या

  • फेफड़ों की समस्या

  • EVAR में ग्राफ्ट लीकेज

  • रक्त के थक्के

  • स्ट्रोक

  • बहुत दुर्लभ: एन्‍यूरिज़्म पुनः बढ़ना

अनुभवी कार्डियक/वैस्कुलर सर्जन से उपचार कराने पर जोखिम काफी कम हो जाते हैं।