हृदय आघात (Cardiac Trauma)
हृदय आघात हृदय या उसके आसपास की संरचनाओं में होने वाली किसी भी प्रकार की चोट को कहते हैं। यह चोट सड़क दुर्घटना, तेज़ झटके, चाकू-गोली के घाव, या किसी चिकित्सीय प्रक्रिया के दौरान भी हो सकती है।
यह स्थिति गंभीर और प्राण-घातक हो सकती है तथा तुरंत पहचान और तेज़ उपचार से ही जीवन बचाया जा सकता है।
हृदय आघात क्या होता है?
हृदय आघात से निम्न संरचनाएँ प्रभावित हो सकती हैं:
हृदय की मांसपेशी
हृदय के कक्ष (चैम्बर्स)
हृदय के वाल्व
कोरोनरी रक्तवाहिनियाँ (कोरोनरी आर्टरीज)
पेरिकार्डियम (हृदय की बाहरी झिल्ली)
गंभीर आघात के परिणामस्वरूप हो सकता है:
तेज़ रक्तस्राव
अनियमित धड़कन
हृदय की पम्पिंग क्षमता कम होना
हृदय विफलता (हार्ट फेलियर)
अचानक हृदयगति रुकना
हृदय आघात के प्रकार
1. कुंद (ब्लंट) हृदय आघात
भारी वस्तु या तीव्र बल के छाती पर लगने से होता है।
जैसे:
सड़क दुर्घटना
खेल के दौरान चोट
गिरना
औद्योगिक दुर्घटनाएँ
इससे हो सकता है:
हृदय की कुंद चोट (कंट्यूशन)
हृदय कक्षों की फटने जैसी स्थिति
कोरोनरी धमनियों को चोट
कमोशियो कॉर्डिस, जिसमें तेज़ झटके से अचानक हृदयगति रुक जाती है
2. भेदी (पेनेट्रेटिंग) हृदय आघात
तेज़ वस्तु के सीधे हृदय में प्रवेश से होता है:
चाकू का घाव
गोली लगना
तेज़ धातु/टुकड़ों से चोट
इससे अक्सर कार्डियक टैम्पोनैड होता है, जिसमें हृदय के चारों ओर रक्त भर जाता है और हृदय दबने लगता है।
3. चिकित्सीय (आयट्रोजेनिक) हृदय आघात
कुछ चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के दौरान:
पेसमेकर / ICD लगाते समय
कैथेटर डालते समय
वाल्व संबंधी प्रक्रियाओं में
कभी-कभी हृदय में छेद या रक्तस्राव हो सकता है।
हृदय आघात के कारण
सड़क दुर्घटनाएँ
चाकू या गोली लगना
भारी वस्तु से दबाव
खेल या औद्योगिक दुर्घटनाएँ
हृदय संबंधी प्रक्रियाओं की जटिलताएँ
हृदय आघात के लक्षण
सीने में दर्द या दबाव
साँस लेने में कठिनाई
धड़कन तेज़ या कमजोर होना
रक्तचाप बहुत कम होना
गर्दन की नसें उभरी दिखाई देना (टैम्पोनैड का संकेत)
बेहोशी या अचानक गिर जाना
त्वचा का नीला पड़ना
इन लक्षणों के साथ किसी भी छाती की चोट को आपातस्थिति माना जाना चाहिए।
हृदय आघात की जाँच
ECG
इकोकार्डियोग्राफी
छाती का X-Ray
CT स्कैन
पेरिकार्डियोसेंटेसिस (रक्त निकालने हेतु)
आपातकालीन उपचार
1. तुरंत स्थिरीकरण
वायुमार्ग खुला रखना
ऑक्सीजन देना
रक्तचाप नियंत्रण
हृदय मॉनिटरिंग
2. रक्तस्राव नियंत्रण
भेदी चोटों में रक्तस्राव को तुरंत रोकना आवश्यक है।
3. शल्यचिकित्सा
फटी हुई संरचनाओं की मरम्मत
रक्त निकालना (टैम्पोनैड में)
हृदय या रक्तवाहिनियों के घावों की मरम्मत
4. चिकित्सीय प्रबंधन
धड़कन नियंत्रक दवाएँ
रक्तचाप बढ़ाने वाली दवाएँ
संक्रमण रोकने की दवाएँ
जटिलताएँ
कार्डियक टैम्पोनैड
हृदय मांसपेशी फटना
गंभीर अनियमित धड़कन
हृदय विफलता
अचानक मृत्यु
दीर्घकालिक परिणाम और रिकवरी
यदि रोगी को समय पर चिकित्सा मिल जाए तो परिणाम अच्छे हो सकते हैं।
जल्दी पहचान और त्वरित शल्यचिकित्सा से रोगी सामान्य जीवन में लौट सकता है।
MBBS, MS, MCh, FRCS-CTh,
FRCS-CTh(Ed), MEBCTS, FEBCTS, FACS(USA), DNB, MNAMS, MBA
Associate Director-Cardio-thoracic and Vascular Surgery, Yashoda Medicity, Ghaziabad(UP)
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