एक्मो (ECMO) (एक्स्ट्रा कॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन)

एक्मो (ECMO) क्या है?

एक्स्ट्रा कॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (एक्मो) एक अत्यन्त उन्नत जीवन-रक्षक (लाइफ सपोर्ट) उपचार है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब रोगी का हृदय या फेफड़े इतने दुर्बल हो जाते हैं कि सर्वोत्तम दवाओं, वेंटिलेटर अथवा अन्य जीवन-सहायक यन्त्रों के प्रयोग पर भी वे ठीक प्रकार से कार्य नहीं कर पाते।

आप एक्मो (ECMO) को एक अस्थायी कृत्रिम हृदय और कृत्रिम फेफड़े के रूप में समझ सकते हैं। यह शरीर के बाहर से इन दोनों अंगों का कार्य सँभालता है, जिससे उन्हें विश्राम, उपचार और अंतर्निहति रोग प्रकिया से उभरने मुक्त होने का अवसर मिलता है। अनेक स्थितियों में एक्मो (ECMO) रोगी को इतने समय तक जीवित रखता है कि वह किसी प्रमुख हृदय/फेफड़ा शल्य-क्रिया (हार्ट/लंग ऑपरेशन) अथवा किसी प्रत्यारोपण (हार्ट/लंग ट्रांसप्लांट) के लिए उपयुक्त हो सके। कभी-कभी एक्मो (ECMO) का उपयोग हृदय-शल्य-क्रिया (ओपन हार्ट सर्जरी) के बाद हृदय के सम्पूर्ण स्वाथस्य-लाभ (रिकवरी) होने तक रक्तसंचार को सहारा देने के लिए भी किया जाता है।

एक्मो (ECMO) निरन्तर रक्त में प्राणवायु (ऑक्सीजन) मिलाता है और कार्बन-डाइ-ऑक्साइड निकालता है—ठीक उसी प्रकार जैसे स्वस्थ हृदय और फेफड़े करते हैं—जिससे रोगी के महत्त्वपूर्ण अंग सुरक्षित रहते हैं।

एक्मो (ECMO) कैसे कार्य करता है?

एक्मो (ECMO) को एक सरल चक्र के रूप में समझें:

  1. रक्त को कोमल नलियों (कैनुला) द्वारा शरीर के बाहर निकाला जाता है।

  2. यह रक्त एक बाहरी ऑक्सीजनकारी यन्त्र (ऑक्सीजनेटर) में प्रवेश करता है जो कृत्रिम फेफड़े की तरह कार्य करता है, कार्बन-डाइ-ऑक्साइड निकालता है और प्राणवायु मिलाता है।

  3. प्राणवायु-युक्त रक्त को पुनः रोगी के शरीर में पहुँचाया जाता है।

यह चक्र निरन्तर और सुरक्षित रूप से चलता रहता है, जिससे रोगी का हृदय और फेफड़े विश्राम करते हुए भी मस्तिष्क, गुर्दे, यकृत और अन्य महत्त्वपूर्ण अंगों तक प्राणवायु पहुँचती रहती है।

एक्मो (ECMO) प्रणाली में सम्मिलित होता है:

  • पम्प– कृत्रिम हृदय की भाँति शरीर में रक्त प्रवाहित करता है।

  • ऑक्सीजनकारी (ऑक्सीजनेटर) – कृत्रिम फेफड़े की भाँति प्राणवायु मिलाता है और कार्बन-डाइ-ऑक्साइड निकालता है।

  • कैनुला और नलियाँ – विशेष नलियाँ जो रोगी को एक्मो (ECMO) यन्त्र से जोड़ती हैं।

  • हीटर – रक्त को शरीर के तापमान पर गर्म कर पुनः शरीर में पहुँचाता है।

ये सभी मिलकर तब भी शरीर को सुरक्षित और स्थिर रखते हैं जब हृदय और फेफड़े अत्यन्त दुर्बल हो जाते हैं।

एक्मो (ECMO) हार्ट लंग मशीन (Heart–Lung Machine) के समान कैसे है, और उससे भिन्न कैसे है

समानताएँ:

एक्मो (ECMO) और हार्ट-लंग मशीन, जिसका उपयोग हृदय-शल्य-क्रिया के दौरान किया जाता है, दोनों समान हैं क्योंकि दोनों ही शरीर के बाहर से हृदय और फेफड़ों का कार्य सँभालते हैं। दोनों:

  • रक्त में प्राणवायु मिलाते हैं

  • कार्बन-डाइ-ऑक्साइड निकालते हैं

  • रक्तसंचार बनाए रखते हैं

किन्तु कुछ महत्त्वपूर्ण भिन्नताएँ भी हैं:

भिन्नताएँ:

  • हार्ट-लंग मशीन केवल हृदय-शल्य-क्रिया (ओपन हार्ट सर्जरी) के दौरान उपयोग होता है, सामान्यतः 2–6 घण्टे तक।

  • एक्मो (ECMO) कई दिनों, कई सप्ताहों, कभी-कभी महीनों तक जीवन-सहारा प्रदान कर सकता है।

  • हार्ट-लंग मशीन का उपयोग सामान्यतःतब होता है जब वक्ष (चेस्ट) खुला होता है, जबकि एक्मो (ECMO) गर्दन या जाँघ में कैनुला लगाकर वक्ष बन्द रहते हुए भी कार्य कर सकता है।

  • एक्मो (ECMO) रक्त-संचार को दीर्घकालीन, आंशिक सहायता देता है, जबकि हार्ट-लंग मशीन अल्पकालीन उच्च-प्रवाह में सहायता देता है।

  • एक्मो (ECMO) हृदय और फेफड़ों को समय देकर उनके प्राकृतिक रूप से स्वास्थ्य-लाभ कराने में सहायक होता है, जबकि हार्ट-लंग मशीन केवल शल्य-क्रिया के समय अस्थायी रूप से हृदय और फेफड़ों का कार्य करती है।

सरल शब्दों में:
हार्ट-लंग मशीन शल्य-क्रिया के दौरान शरीर में रक्त-संचार को सहारा देती है।
एक्मो (ECMO) जीवन-घातक रोगावस्था के दौरान शरीर में रक्त-संचार को सहारा देता है।

एक्मो (ECMO) के प्रकार

  1. वीनो-आर्टेरियल एक्मो (VA-एक्मो ECMO)
    यह हृदय और फेफड़ों—दोनों को सहारा देता है।
    • रक्त को एक शिरा (vein) से निकाला जाता है और धमनियों (arteries) में लौटाया जाता है।
    • जब हृदय अत्यन्त दुर्बल हो या रक्त पम्प न कर पा रहा हो तब इस प्रणाली का प्रयोग किया जाता है।
    • सामान्य स्थितियाँ: हार्ट फेलियर, कार्डियक अरेस्ट, सिव्यर हार्ट डिसफंक्शन
  2. वीनो-वीनस एक्मो (VV-एक्मो (ECMO)
    केवल फेफड़ों को सहारा देता है।
    • रक्त को शिरा (वेन) से निकाला जाता है और शिरा (वेन) में ही लौटाया जाता है।
    • जब फेफड़ों में गम्भीर विकार हों लेकिन हृदय सामान्य रूप से कार्य कर रहा हो तब इस प्रणाली का प्रयोग किया जाता है।
    • स्थितियाँ: ARDS, गम्भीर निमोनिया, COVID-19 लंग फेलियर, आघात (ट्रामा)।

एक्मो (ECMO) का प्रयोग कब किया जाता है?

एक्मो (ECMO) अंतिम विकल्प के रूप में उपयोग की जाने वाली जीवन-रक्षक पद्धति है, जब वेंटिलेटर और दवाओं जैसी सामान्य विधियाँ पर्याप्त प्राणवायु स्तर बनाए रखने में असफल हों।

जहाँ एक्मो (ECMO) आवश्यक हो सकता है:

  • गम्भीर हृदय-विफलता (हार्ट फेलियर)

  • कार्डियक अरेस्ट के बाद अपर्याप्त रक्तसंचार

  • गम्भीर श्वसन-विफलता (निमोनिया, ARDS, ट्रामा, COVID-19)

  • हृदय या फेफड़े के प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) तक जीवन बनाए रखना

  • हृदय-शल्य-क्रिया के बाद हृदय को विश्राम देने हेतु

  • विशाल फुफ्फुसीय एम्बोलिज़्म (लार्ज पल्मोनरी एम्बोलिज्म)

  • कार्डियोजेनिक शॉक

  • कुछ विशक्तीकरण (ज़हर के सेवन) के मामलों में (जैसे सल्फास विषाक्तता)

इन स्थितियों में एक्मो (ECMO) उपचार-दल को रोगी को स्थिर करने और मूल रोग का उपचार करने का समय देता है।

प्रक्रिया का संक्षिप्त विवरण

  1. कैनुलेशन
    मुख्य रक्तवाहिनियों (गर्दन या जाँघ) में बड़ी, लचीली नलियाँ बेहोश कर के या दवाओं से अचेत कर के डाली जाती हैं।

  1. एक्मो (ECMO) संयोजन
    एक्मो (ECMO) यन्त्र जोड़ा जाता है और यह रक्त में प्राणवायु मिलाने व रक्तसंचार में सहायक बनने लगता है।

  1. सतत पर्यवेक्षण
    एक विशिष्ट  एक्मो (ECMO) दल 24×7 निगरानी करता है:

    • प्राणवायु स्तर

    • रक्तचाप

    • हृदयगति

    • रक्त-जमावट स्तर

    • एक्मो (ECMO) परिपथ की कार्य प्रणाली

    यह किसी भी परिवर्तन को शीघ्र पहचानकर तुरन्त सुधार सुनिश्चित करता है।

  1. वीनिंग और हटाना
    जब हृदय या फेफड़े सुधरने लगते हैं, एक्मो (ECMO) की सहायता धीरे-धीरे कम की जाती है।
    यदि रोगी स्थिर रहता है, यन्त्र हटाया जाता है और कैनुला निकाल दिए जाते हैं।

एक्मो (ECMO) के लाभ

  • गम्भीर हृदय या फेफड़ा विफलता (हार्ट लंग फेलियर) में जीवन-रक्षक सहारा

  • अंगों को विश्राम और उपचार का अवसर

  • वेंटिलेटर अपर्याप्त होने पर भी बेहतर प्राणवायु-उपलब्धता

  • कम प्राणवायु के कारण हुए अंग-क्षति में सुधार

  • अन्तर्निहित रोग का उपचार करते समय शरीर की महत्त्वपूर्ण कार्यप्रणालियों को सुरक्षित रखना

एक्मो (ECMO) ने उन रोगियों में भी जीवित-रहने की सम्भावना बढ़ाई है जिनकी पहले बहुत कम आशा होती थी।

एक्मो (ECMO) जटिलताएँ और जोखिम

हालाँकि एक्मो (ECMO) अत्यन्त प्रभावी प्रक्रिया है, यह एक जटिल प्रक्रिया भी है तथा कुछ जोखिम रह सकते हैं:

  • रक्त-पात (ब्लीडिंग) – रक्त-पतला करने वाली दवाओं के कारण

  • कैनुला के स्थान पर संक्रमण

  • एक्मो (ECMO) नलिकाओं में रक्त-थक्के

  • गुर्दा-दुर्बलता (किडनी फेलियर)

  • यकृत-दुर्बलता (लिवर फेलियर)

  • स्ट्रोक अथवा एम्बोलिज़्म

  • अंगों में रक्त-प्रवाह कम होना (इस्कीमिया)

कड़े प्रोटोकॉल, उन्नत निगरानी तथा विशेषज्ञ ICU और एक्मो (ECMO) दल इन जोखिमों को न्यूनतम करते हैं।

स्वास्थ्य लाभ और एक्मो (ECMO) के बाद देखभाल

एक्मो (ECMO) हटाने के बाद रोगियों को अतिरिक्त सहायक उपचार की आवश्यकता हो सकती है, जैसे:

  • फेफड़ों के सुधार हेतु वेंटिलेटर समर्थन

  • हृदय पुनर्वास और निरन्तर निगरानी

  • मांसपेशियों की शक्ति लौटाने हेतु फिज़ियोथेरेपी

  • उपचार हेतु पोषण-सहारा

  • गम्भीर रोग के तनाव से उबरने हेतु मनोवैज्ञानिक सहारा

कई रोगी एक्मो (ECMO) हटने के बाद कुछ दिनों से सप्ताहों के भीतर लगातार सुधार दिखाते हैं।

आधुनिक चिकित्सा में एक्मो (ECMO)

एक्मो (ECMO) उन्नत गहन-चिकित्सा (क्रिटिकल केयर) का अत्यन्त महत्त्वपूर्ण भाग बन चुका है।
COVID-19 महामारी के दौरान इसने गम्भीर श्वसन-विफलता वाले अनेक रोगियों का जीवन बचाया।

अधिकांश प्रमुख चिकित्सालयों में अब:

  • समर्पित एक्मो (ECMO) इकाइयाँ

  • विशेषज्ञ इंटेंसिविस्ट, परफ्यूज़निस्ट और नर्सिंग दल

  • 24×7 निगरानी प्रणाली

  • सुरक्षा और परिणामों हेतु उन्नत प्रोटोकॉल

तकनीक में निरन्तर सुधार के साथ एक्मो (ECMO) अत्यन्त गम्भीर रोगियों के उपचार में एक सशक्त साधन के रूप में स्थापित है।

प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एक्मो (ECMO) स्थायी उपचार है?

नहीं। एक्मो (ECMO) एक अस्थायी जीवन-सहायक विधि है जिसका उपयोग तब तक किया जाता है जब तक हृदय या फेफड़े सुधर न जाएँ अथवा शल्य-क्रिया (ओपन हार्ट सर्जरी) या प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) न हो जाए।

स्थिति पर निर्भर करता है। कुछ रोगियों को कुछ दिनों तक, जबकि कुछ को कई सप्ताह तक एक्मो (ECMO) की आवश्यकता होती है।

नहीं। रोगियों को सामान्यतः शांतीकारक दवाएँ देकर आरामदायक रखा जाता है। यन्त्र शरीर के बाहर कार्य करता है, इसलिए कोई अनुभूति नहीं होती।

एक्मो (ECMO) स्वयं रोग को नहीं ठीक करता।
यह रोगी को जीवित रखता है जब तक उपचारक दल मूल रोग का उपचार करते हैं और अंग सुधरते हैं।

नहीं। इसके लिए अत्यन्त प्रशिक्षित विशेषज्ञों और उन्नत उपकरणों की आवश्यकता होती है।
केवल विशेष केन्द्रों में एक्मो (ECMO) उपलब्ध होता है।

यह आयु, रोग-स्थिति, मूल बीमारी और उपचार-प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है।
एक्मो (ECMO) ने अत्यन्त गम्भीर रोगियों में भी जीवन-रक्षा दर में उल्लेखनीय सुधार किया है।

 इस विषय पर किसी भी प्रश्न के लिए यहां लिखें

Mail to: drkeshriheartcare@gmail.com or Click Here For WhatsApp (Text msg Only):